चाँद का आकार क्यों बदलता दिखता है?
चाँद अपना प्रकाश नहीं बनाता, बल्कि सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है। सूर्य चाँद के आधे हिस्से को रोशन करता है। चाँद पृथ्वी के चारों ओर घूमता है, तो उस रोशन आधे हिस्से का कभी कम और कभी ज़्यादा भाग हमें दिखता है। चाँद का असली आकार नहीं बदलता।[1]
चाँद के रोशन हिस्से की इन बदलती शक्लों को चाँद की कलाएँ कहते हैं। उनका क्रम लगभग 29.5 दिन में दोहराता है।[1]
चाँद दिखे तो एक छोटा नोट बनाएँ
जब चाँद दिखे, तो किसी सुरक्षित, परिचित जगह से थोड़ी देर देखें और तारीख, समय व रोशन हिस्से का आकार नोट कर लें। सटीक चित्र बनाने की ज़रूरत नहीं; अपने शब्दों में लिखा छोटा-सा नोट भी काफी है। नीचे की तालिका में ऐसे नोट के उदाहरण हैं।
| क्या लिखें | लिखने का उदाहरण |
|---|---|
| तारीख और समय | देखने की तारीख और लगभग समय |
| रोशन हिस्से का आकार | पतली चाप, लगभग आधा या करीब गोल |
| किसी परिचित चीज़ के पास जगह | खिड़की से दिखने वाली छत के ऊपर |
इसके लिए दूरबीन या रात में बाहर जाना ज़रूरी नहीं है।
दो-तीन नोटों में क्या फर्क दिखता है?
दो-तीन नोट मिलें तो रोशन हिस्से के आकार और देखने के समय की तुलना करें। क्या किसी नोट में चाँद पहले से ज़्यादा गोल दिखा था? बादलों या किसी और वजह से चाँद न दिखे तो उस दिन की जगह खाली छोड़ सकते हैं। अगली बार चाँद दिखे तो चाहें तो अपने नोट में रोशन हिस्से का छोटा-सा चित्र भी जोड़ें।