पौधों को पचाने में मदद कैसे मिलती है?

ब्राज़ील की शोध-वित्तपोषण संस्था FAPESP की रिपोर्ट में शोध प्रमुख मारियो मुराकामी के अनुसार, पेट के बाद आँत में होने वाला सूक्ष्मजीवी किण्वन पौधों से पोषक तत्व हासिल करने में अहम है। सूक्ष्मजीव मिलकर पौधों की कोशिका-भित्ति के कड़े हिस्से तोड़ते हैं, जिससे मैनेटी पोषक तत्व सोख पाता है।[1]

इन रेशेदार हिस्सों में सेल्यूलोज़ और हेमीसेल्यूलोज़ शामिल हैं। नीचे की सूची रेशों के पाचन और रिपोर्ट में बताई गई एक अलग शर्करा की खोज को साथ रखती है।[1]

मैनेटी के सूक्ष्मजीवों से जुड़ी दो अलग बातें
  • पौधों के रेशे: पेट के बाद आँत के पिछले हिस्से में सूक्ष्मजीव इन्हें तोड़ने में मदद करते हैं।
  • एपिलैक्टोज़: एक अलग शर्करा, जिसे रिपोर्ट में बताया गया एक जीवाणु तोड़ सकता है।

एपिलैक्टोज़ वाला निष्कर्ष पौधों के रेशे तोड़ने की प्रक्रिया से अलग है।

किन मैनेटी के नमूने जाँचे गए?

शोधकर्ताओं ने 36 अमेज़न मैनेटी और 11 समुद्री मैनेटी के नमूने जाँचे। अमेज़न मैनेटी ब्राज़ील के मनाउस शहर के एक शोध संस्थान में रखे गए थे।[1]

समुद्री मैनेटी सिआरा के एक पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़े थे। उनमें एक ऐसा जानवर भी था जिसे प्रकृति में वापस छोड़ा जा चुका था और जिसका नमूना पास के इलाके में लिया गया।[1]

रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण में 6,000 से अधिक सूक्ष्मजीवी जीनोम और हज़ारों जीन व एंज़ाइम मिले। ये नतीजे जाँचे गए नमूनों की झलक देते हैं, सभी जंगली मैनेटी की पूरी तस्वीर नहीं।[1]

एक अलग शर्करा के बारे में क्या पता चला?

रिपोर्ट में एक ऐसे जीवाणु का ज़िक्र भी है जो एपिलैक्टोज़ नाम की शर्करा को तोड़ सकता है। इस जीवाणु ने उसे तोड़ने के लिए एक एंज़ाइम का इस्तेमाल किया। यह पौधों के रेशे तोड़ने की प्रक्रिया से अलग खोज है।[1]